गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

विनती -

*
कृष्ण ,तुम्हारे श्री-चरणों में , मेरे  गुण औ दोष समर्पित !

जनम भटकते बीता,अब बस इतना करो कि मिटें द्विधायें,
यह गठरी अब  तुम्हीं सँभालो,  करो वही जो तुम्हें सुहाये ,
किया-धरा सब तुम्हें सौप  हों जायें राग-विराग विसर्जित !

क्षमता इतनी दो कि निभा जाऊं जो कुछ हिस्से में आया ,
 डोर तुम्हीं से संचालित ये सभी तुम्हारा रास रचाया ,
मेरे भाव-अभाव तुम्हारे , तुमसे रचित  तुम्हीं से प्रेरित !

अंतर्यामी ,तुम ही समझो  मेरा कौन और, जो जाने ,
परखनहारे ,तेरे आगे  टिक पाये कब कौन बहाने .
दोनों खाली हाथ जोड़,बढ़ जाऊं आगे हो कर थिर-चित् !
*
- प्रतिभा.

11 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूबसूरत कलम को प्रणाम !

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  2. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, वलेंटाइन डे पर वन विभाग की अपील “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (11-02-2018) को 'रेप प्रूफ पैंटी' (चर्चा अंक-2876) (चर्चा अंक-2875) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. बहुत सुंदर दिल से निकली प्रार्थना..तथास्तु !

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  5. निमंत्रण :

    विशेष : आज 'सोमवार' १९ फरवरी २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच ऐसे ही एक व्यक्तित्व से आपका परिचय करवाने जा रहा है जो एक साहित्यिक पत्रिका 'साहित्य सुधा' के संपादक व स्वयं भी एक सशक्त लेखक के रूप में कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। वर्तमान में अपनी पत्रिका 'साहित्य सुधा' के माध्यम से नवोदित लेखकों को एक उचित मंच प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

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  6. नमन भाव से कितना कुछ समर्पित किया इन शब्दों ने ... काश इस विनीत भाव को हर इंसान समझ सके ... जीवन सुखी हो जाये ...

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