शिप्रा की लहरें
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शिप्रा की लहरें.
1. लोक रंग
2.लंबी कवितायें
3.स्वरयात्रा
4.यात्रा एक मन की
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गुरुवार, 27 अक्टूबर 2022
शत-शत वन्दन-
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* शत-शत वन्दन प्रभु हे,चित्रगुप्त त्राता, विधि के मानस-पुत्र, कर्मगति निर्णायक, अवधपुरी में प्रकट धर्महरि विख्याता! कर्म...
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बुधवार, 5 अक्टूबर 2022
बस,अपने साथ -
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* बस,अपने साथ . इसी आपा-धापी में कितना जीवन बीत गया - अरे, अभी यह करना है , वह करना तो बाकी रह गया , अरे ,तुमने ये नहीं किया? तुम्हारा ही क...
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सोमवार, 12 सितंबर 2022
एक सूचना
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ब्लाग-जगत से संबद्ध सभी सुधी जनों को सूचित करना चाहती हूँ कि मेरे द्वारा लिखित उपन्यास कृष्ण-सखी,शवेतवर्णा प्रकाशन से प्रकाशित हो कर आ गया ह...
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रविवार, 14 अगस्त 2022
तेरी माटी चंदन !
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* तेरी माटी चंदन ! तेरी माटी चंदन ,तेरा जल गंगा जल , तुझमें जो बहती है वह वायु प्राण का बल , ओ मातृ-भूमि, मेरे स्वीकार अमित वंदन ! * मेरे ...
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सोमवार, 11 जुलाई 2022
चलो , कहीं निकल चलें ,
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चलो, कहीं निकल चलें ! जल-थल से अंबर से मन का संवाद चले तरुओँ की पाँत जहाँ नीले आकाश तले बँध कर रहें न इन कमरों-के घेरों में , दरवाज...
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शनिवार, 5 फ़रवरी 2022
वाणी-विनय.
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* कल्याणमयी माँ ,भारति हे ,शुभ श्रेय-प्राप्ति वर दो! * उज्ज्वल तन, धवल ज्ञान-दीपित,दिव्यता-बोधमय दृष्टि प्रखर; हे सकल कला-विद्या धारिणि, ...
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शुक्रवार, 31 दिसंबर 2021
विश्व-मंगल हेतु उतरो धरा पर, नव वर्ष !
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* विश्व-मंगल हेतु उतरो धरा पर, नव वर्ष ! इस अधीरा मही को आश्वस्ति से भर दो, चर-अचर को सुमति मंत्रित प्रीतिमय स्वर दो. कूट-कलुष मिटे मनुजत...
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